सारी सृष्टि के मलिक तुम्ही हो
सारी सृष्टि के रक्षक तुम्ही हो
करते हैं तुझ को सदर प्रणाम
गाते हैं तेरे ही गुणगान
हा हा हा हालएलूया -7 आमीन
सारी सृष्टि को तेरा सहारा
सारे संकट से हम को बचना
तेरे हाथों में जीवन हमारा है
अपनी राहा पे हुमको चलना
हा हा हा हालएलूया -7 आमीन
हम हैं तेरी हाथों की रचना
हम पर रहे तेरी करुणा
तन-मन-धन हमारा तेरा है
इन्हें शैतान को छूने ना देना
हा हा हा हालएलूया -7 आमीन
अब दूर नही है किनारा
धीरज को हमारे बदाना
जीवन की हमारी इस नैय्या को
भाव सागर में खोने ना देना
हा हा हा हालएलूया -7 आमीन

