छू के पालु शिफा जो पे हो गई मेरी ईद
हो गई मेरी ईद मैं ने कर ली उसकी दीद
छू के पालु..
छू के पालु शिफा जो पे हो गई मेरी एईद
परदा पड़ा था मेरी अनकुन से जो उठ गया
काली घटाओं का था बदल वो भी छट गया
छू के पालु मिली रहै हो गई मेरी ईद
हो गई मेरी ईद मैं ने कर ली उसकी दीद
जब तक ना फूँका था दम, मैं था माटी की ढेरी
सोचें नापाक थीं और रूह भी मुर्दा थी मेरी
छू के पालु हुई शिफा, हो गई मेरी ईद
हो गई मेरी ईद मैं ने कर ली उसकी दीद
दुनिया ने झटका मुझ को, रौंदा था हर चाहत को
आग की भट्टी मैं चखा था उसकी रहमत को
हो गई मेरी ईद मैं ने कर ली उसकी दीद
हो गई मेरी ईद मैं ने कर ली उसकी दीद

