तेरा लहू, तेरा लहू, (qawwali by pastor Subhash Gill)

तेरा लहू, तेरा लहू,
तेरा लहू पाक करता है,
तेरा लहू कूव्वत देता है

तेरे लहू की धार से,
मिटते गुनाह और खिलते हैं फूल – 2
तेरा लहू, तेरा लहू,
धो करके साफ करता है,
तेरा लहू कूव्वत देता है
तेरा लहू…

तेरे लहू में जो छिपे,
किसी भी बला से कभी ना डरे – 2
तेरा लहू, तेरा लहू,
तेरा लहू हिम्मत देता है
तेरा लहू कूव्वत देता है,
तेरा लहू…

तेरा लहू ढाल और किला,
सबकी पनाह, मज़बूत आसरा – 2
तेरा लहू, तेरा लहू,
दिल में सुकून भरता है,
तेरा लहू कूव्वत देता है
तेरा लहू…

तेरे लहू के झरनों से,
ज़ख्म क्या मिटते नासूर भी – 2
तेरा लहू, तेरा लहू
मरहम का काम करता है
तेरा लहू कूव्वत देता है
तेरा लहू…

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