सारी सृष्टि के मलिक तुम्ही हो

सारी सृष्टि के मलिक तुम्ही हो
सारी सृष्टि के रक्षक तुम्ही हो
करते हैं तुझ को सदर प्रणाम
गाते हैं तेरे ही गुणगान
हा हा हा हालएलूया -7 आमीन

सारी सृष्टि को तेरा सहारा
सारे संकट से हम को बचना
तेरे हाथों में जीवन हमारा है
अपनी राहा पे हुमको चलना
हा हा हा हालएलूया -7 आमीन

हम हैं तेरी हाथों की रचना
हम पर रहे तेरी करुणा
तन-मन-धन हमारा तेरा है
इन्हें शैतान को छूने ना देना
हा हा हा हालएलूया -7 आमीन

अब दूर नही है किनारा
धीरज को हमारे बदाना
जीवन की हमारी इस नैय्या को
भाव सागर में खोने ना देना
हा हा हा हालएलूया -7 आमीन

Proudly powered by WordPress | Theme: Amber Blog by Crimson Themes.