जैसा मैं हूं बगैर एक बात , पर तेरे लहू सेहयात

1 . जैसा मैं हूं बगैर एक बात , पर तेरे लहू से हयात ,
अब तेरे नाम से है नजात , मसीह , मसीह मैं आता हूं ।

2 . जैसा मैं हूं कंगाल बदकार , कमज़ोर नालायक और लाचार ,
अब तेरे पास ए मददगार , मसीह , मसीह मैं आता हूं ।

3 . जैसा मैं हूं कम्बख्त नापाक , और तेरी हालत दहशतनाक ,
लड़ाई भीतर बाहर पाक , मसीह , मसीह मैं आता हूं ।

4 . जैसा मैं हूं कबूल करले , मुआफ़ी और तसल्ली दे ,
सिर्फ तेरे ही वसीले से , मसीह , मसीह मैं आता हूं ।

Proudly powered by WordPress | Theme: Amber Blog by Crimson Themes.