खुल जायेंगी किताबें, जब भी हिसाब होगा
इंसाफ़ का तराजू, यीशु के हाथ होगा
जो भी तू कर रहा है, यीशु वो देखता है – 2
हर पल का तुझको इंसां – 2
देना हिसाब होगा
इंसाफ़ का …
आजा अभी भी मुड़कर, यीशु बुला रहा है – 2
वर्ना ये याद कर ले, तेरा ही नाश होगा
इंसाफ़ का…
कदमों में उसके रो ले, तौबा गुनाह से कर ले -2
फ़िदिया मसीह ने दिया, माफ़ी तू आज ले ले
इंसाफ़ का…

