ऐ खुदा, कमाल के चश्मे

ऐ खुदा, कमाल के चश्मे,
मुझ से अपनी हम्द करवा,
तेरी रहमत है ला-सानी,
काइम, दाइम, बे-बहा।
तेरा प्यार, जो बे-निहायत,
बे ज़बाल, ला-इन्तिहा,
उस कि, मुझ से, ऐ खुदावंद,
अब तारीफ का गीत गया।

अब नजर! तू, मसीह,
हुआ मेरा मददगार,
तेरे फजल से मैं पहुँचूँ
ग़म के दरिया के उस पार।
था मैं भूली भेड़ कि मानिन्द,
गल्ला छोड़ आराम बिदून
यीशु खोजने और बचाने
आया, दिया अपना खून।

उम्र भर मैं गाता रहूँ
तेरे फजल की सिपास।
अपने करम से खुदावंद,
रख तू मुझे अपने पास।
तुझे भूलने को तो सदा
इम्तिहान बहुतेरा है।
मुहर कर तू मेरे दिल पर।
अबद तक तू मेरा है।

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