उठ मेरी रूह नए रागों से

1 उठ मेरी रूह नए रागों से,
सेहूनी गजले गा तू ले।
फ़िरिस्तो में मिला आवाज़,
मसीह जलाली सरफराज।
मसीह जलाली और जमाली।
मसीह जलाली सरफराज।

2 ज़ेरबार गुनाह में जब मैं था,
सलीब पर चश्मा तब बहा,
शैतानी आखिर हुआ राज,
मसीह जलाली मेरा ताज।
मसीह जलाली और जमाली
मसीह जलाली मेरा ताज

3 यह दुनियां जब सताती थी,
मसीह की कुब्बत संग रही।
उतारा मेरा सारा भार,
मसीह जलाली मेरा यार।
मसीह जलाली और जमाली।
मसीह जलाली मेरा यार

5 जल्द आवे मुझ पर मौत
का हाथ
जल्द हो मसीह का मेरा साथ,
बिहिश्त में पाऊँगा पनाह,
मसीह जलाली मेरा शाह।
मसीह जलाली और जमाली,
मसीह जलाली मेरा शाह।

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