आवाज़ उठायेंगे, हम साज़ बजायेंगे,

आवाज़ उठायेंगे, हम साज़ बजायेंगे,
“है यीशु महान अपना”, ये गीत सुनायेंगे

संसार की सुंदरता में, है रूप तो तेरा ही,
इन चाँद सितारों में, है अक्स तो तेरा ही
महिमा की तेरी बातें, हम सबको बतायेंगे,
है यीशु महान अपना,ये गीत सुनायेंगे

दिल तेरा खज़ाना है, इक पाक मोहब्बत का,
थाह पा न सका कोई, सागर है तु उल्फत का,
हम तेरी मोहब्बत से,दिल अपना सजायेंगे,
है यीशु महान अपना,ये गीत सुनायेंगे

ना देख सका हमको, तू पाप के सागर में,
और बनके मनुष्य आया,तू पाप के सागर में,
मुक्ति का तू दाता है, दुनिया को बतायेंगे,
है यीशु महान अपना,ये गीत सुनायेंगे

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